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खुदकुशी

#मुंबई: पिता और पुत्र, ने सोमवार  मुंबई के भयंदर स्टेशन के पास एक ट्रेन के सामने लेटकर आत्महत्या कर ली।  

😭😭😭😭😭😭😭😭

समाचार के अनुसार, "हमें पिता की जेब से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें लिखा था कि वे अपने कार्यों के लिए किसी को दोषी नहीं ठहरा रहे हैं और वे स्वेच्छा से यह कदम उठा रहे हैं।" 

 

क्या बिना किसी कारण के भी आत्महत्या की जा रही है क्या जीना इतना मुश्किल है खैर मृतकों की मनोदशा की एक रचना आप सब के लिए:-



 खुदकुशी से मेरा कभी कोई वास्ता नहीं था,

मगर मैं करता भी क्या कोई रास्ता नहीं था।


जालसाजी की दुनिया में कहां तक टिकता,

मेरी कमी थी मैं किसी को फांसता नहीं था।


वो कि जिनकी गुर्बत में जाॅं निसार रहा था मैं,

वक्त-ए-नादारी* में एक भी झांकता नहीं था।


एक जोड़ा रहता था इस बरगद पर बड़े मौज से,

बहेलिया गुज़रा और फिर वहां फाख्ता नहीं था।


कहानियों में ही होता है सुखद अंत जीवन का,

हक़ीक़त से उसका कभी कोई वास्ता नहीं था।


✍️ दशरथ रांकावत 'शक्ति'


वक्त-ए-नादारी - तकलीफ़ में 

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